ISO फ़ाइल क्या होती है?
ISO — डिस्क इमेज
यह क्या है?
एक ISO फ़ाइल किसी ऑप्टिकल डिस्क की हूबहू नकल होती है - सेक्टर दर सेक्टर, संरचना सहित। यह फ़ाइलों का कोई संग्रह नहीं, बल्कि पूरे स्टोरेज माध्यम की तस्वीर है।
यही कारण है कि इसे "माउंट" किया जा सकता है - सिस्टम इसे किसी ड्राइव की तरह पहचानने लगता है, मानो डिस्क वास्तव में लगी हो - और यही कारण है कि यह बूट करने योग्य भी हो सकती है, यानी कंप्यूटर को स्टार्ट करने में सक्षम।
इतिहास और उत्पत्ति
इस फ़ॉर्मेट का नाम ISO 9660 मानक से आया है, जिसने 1988 में CD-ROM की फ़ाइल प्रणाली को परिभाषित किया था।
डिस्क ड्राइव धीरे-धीरे लुप्त होते गए, फिर भी यह फ़ॉर्मेट बचा रहा: आज ISO का इस्तेमाल मुख्य रूप से ऑपरेटिंग सिस्टम वितरित करने और इंस्टॉलेशन के लिए USB ड्राइव तैयार करने में होता है।
यह क्यों उपयोगी है
मूल माध्यम की सटीक संरचना बरकरार रखने वाली, बूट करने योग्य, संपूर्ण और सटीक प्रतिलिपि।
यह ऑपरेटिंग सिस्टम वितरित करने का मानक फ़ॉर्मेट है।
सीमाएँ और कमियाँ
कोई कंप्रेशन नहीं होता: ISO का आकार उतना ही होता है जितना उस डिस्क का, कुछ मामलों में खाली जगह सहित।
यह चंद फ़ाइलें भेजने के लिए नहीं बना है - यह तो मक्खी मारने के लिए हथौड़ा इस्तेमाल करने जैसा है।
उपयोग के सुझाव
अगर आपको केवल ISO की सामग्री चाहिए, तो उसे ZIP में बदल लें: आपको डिस्क की संरचना के बिना सीधे फ़ाइलें मिल जाएंगी।
अगर आपको इंस्टॉलेशन के लिए USB ड्राइव बनानी है, तो ISO को वैसे ही रहने दें: इसे बदलने से इसकी बूट करने की क्षमता खत्म हो जाएगी।
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